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हृदय रोग की देसी जड़ीबूटी


आपने अर्जुन की छान का नाम तो सुना ही होगा। अर्जुन वृक्ष भारत में होने वाला एक औषधीय वृक्ष है, जिसकी छाल को धूप में सुखा कर उसका पावडर बना कर कई बीमारियों के इलाज में उपयोग किया जाता है।

इस छाल का नियमित सेवन करने से हाई बीपी, बढ़ा हुआ कोलेस्‍ट्रॉल वा हार्ट अटैक तथा मोटापे की घातक बीमारी तक ठीक हो जाती है। यही हीं इससे श्वेतप्रदर, पेट दर्द, कान का दर्द, मुंह की झांइयां,कोढ बुखार, क्षय और खांसी में भी यह लाभप्रद रहता है।

अर्जुन की छाल शीतल, हृदय को हितकारी, कसैला और क्षत, क्षय, विष, रुधिर विकार, मेद, प्रमेह, व्रण, कफ तथा पित्त को नष्ट करता है। अब आइये जानते हैं कि हम अर्जुन की छाल की मदद से कौन कौन सी बीमारियों को किस तरह से ठीक कर सकते हैं।

सफेद बालों के लिये
अर्जुन की छाल के चूर्ण को मेहंदी में मिला कर बालों में लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

बढ़ा हुआ कोलेस्‍ट्रॉल 
1/2 चम्‍मच अर्जुन की छाल का पावडर, 2 गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा ना हो जाए। फिर गैस बंद करें और पानी को छान कर ठंडा कर के रोज सुबह शाम, 1 या 2 गिलास पियें। इससे ब्‍लॉक हुई धमनियां खुल जाएंगी और कोलेस्‍ट्रॉल कम होने लगेगा।

हाई बीपी कम करने के लिये
रोज सुबह शाम नियमित रूप से अर्जुन की छाल के चूर्ण से तैयार चाय बना कर पियें।

अनियमित हार्ट बीट के लिये
अर्जुन की छाल को कपड़े से छान ले इस चूर्ण को जीभ पर रखकर चूसते ही हृदय की अधिक अनियमित धड़कनें नियमित होने लगती है।

रक्तपित्त
सुबह अर्जुनकी छाल क काढ़ा बनाकर पीने से रक्तपित्त दूर हो जाता है।

पेशाब की रूकावट दूर करे
इस काढ़े से पेशाब की रुकावट दूर हो जाती है। लाभ होने तक दिन में एक बार पिलाएं।
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