संभोग के समय प्‍याज का रस योनी में रखने पर शुक्राणु बेसर हो जाते हैं।

मासिक धर्म के पश्‍चात स्‍नान करने के बाद एरंड के बीज की गिरी छीलकर खाने से गर्भ नहीं ठहरता है। एक गिरी निगलने पर एक वर्ष, दो गिरी निगलने पर दो वर्ष व तीन गिरी निगलने पर तीन वर्ष तक बच्‍चे पैदा नहीं होंगे। बच्‍चे पैदा करने की इच्‍छा हो तो गिरी खाना बंद कर दें। एक वर्ष बाद पुन: गर्भधारण करने की क्षमता उत्‍पन्‍न हो जाती है। किसी भी हाल में एक साथ तीन से अधिक गिरी न खाएं। यह नुकसानदायक हो सकता है।

पीरियड के बाद लहसुन की दो कलियां छीलकर निगल जाएं तो गर्भ नहीं ठहरेगा।

पीपल, सुहागा व बायबिडंग को बराबर-बराबर लेकर पीस लें। जिस दिन पीरियड आरंभ हो उस दिन से सात दिनों तक छह ग्राम चूर्ण पानी से खाएं, एक वर्ष तक गर्भ नहीं ठहरेगा।

तालीसपत्र व गेरू को 25 ग्राम लेकर चार दिनों तक ठंडे पानी से पीने से स्‍थाई बांझपन आ जाती है।

सीताफल का बीज पीसकर योनी में मलने से गर्भ नहीं ठहरेगा और इससे गर्भाशय की सफाई भी हो जाती है ।

पीरियड के बाद चमेली के फूल की कली लगातार तीन दिन तक पानी के साथ खाने से एक वर्ष तक गर्भ नहीं ठहरता है।

पीरियड बंद होने के बाद एक कप तुलसी के पत्‍ते लेकर काढ़ा बनाएं और तीन दिन तक लगातार पीएं। इससे गर्भ भी नहीं ठहरेगा और कोई नुकसान भी नहीं होगा।

हल्‍दी की गांठ पीसकर उसे छान ले। छह ग्राम पाउडर पानी के साथ खाएं। इसे पूरे पीरियड के दौरान खाएं तो गर्भ नहीं ठहरेगा।

पीरियड के पांचवें दिन करेले का रस पीने से गर्भ नहीं ठहरता है।

संभोग के दौरान नीम के तेल में रूई का फाहा भिंगोकर योनी में रखने से गर्भ ठहरने की संभावना नहीं रहती है


loading...