loading...

अस्थमा के लक्षण और घरेलू उपचार – Asthma Symptoms and Treatment


अस्थमा या दमा एक फेफड़ों की बीमारी है जिसके कारण साँस लेने में परेशानी महसूस होती है। इसका अटैक तब होता है जब फेफड़ों में वायु के प्रभाह में कोई बाधा आ जाती है। अस्थमा दो प्रकार का होता है एक्यूट और क्रोनिक।

इस बीमारी के होने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन यह एलर्जी, वायु प्रदूषण, रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन, इमोशन, मौसम की कंडीशन, खाने में सल्फाइट्स होने पर और कुछ दवायों के सेवन से शुरू हो सकती है। अस्थमा के कॉमन लक्षण हैं – खांसी, घरघराहट, सांसे छोटी होना और सीने में जकड़न।

अस्थमा के उपचार के लिए 10 सबसे कारगर घरेलू नुस्खे नीचे दिए जा रहे हैं 

1. अदरक
अदरक को स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। अस्थमा को ठीक करने में भी यह मदद करता है। शोधों से यह पता चला है कि अदरक फेफड़ों में इन्फ्लामेशन को रोकता है और सांसो के रास्ते में आने वाले बलगम को कम करता है।
साथ ही इसमें ऐसे पदार्थ मौजूद होते हैं जो अस्थमा की दवा के असर को बड़ा देते हैं।
अदरक के रस, अनार के रस और शहद को बराबर मात्रा में आपस में मिला लें। इस मिश्रण को रोज दिन में तीन बार एक-एक चम्मच सेवन करें।
या फिर, रात को सोने से पहले एक चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच पानी मिलाकर सेवन करें।
आप अदरक को अपने भोजन में मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।

2. सरसों का तेल
जब भी अस्थमा का अटैक होता है तो सरसों के तेल की मालिश फायदेमंद हो सकती है। यह सांसो के मार्ग को साफ करके राहत प्रदान करता है।

सरसों के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर गर्म करें।
अब इसे एक कटोरी में निकाल लें और गर्म अवस्था में ही इससे अपनी छाती, पीठ और गर्दन की मालिश करें।
इस उपचार को रोज करें जबतक अस्थमा ठीक न हो जाये।

3. अंजीर
अंजीर में पोषण प्रदान करने वाले गुण होते हैं जो रेस्पिरेटरी सिस्टम ठीक करते हैं और साँस लेने में होने वाली कठिनाइयों को ठीक करते हैं।

तीन सूखे अंजीरों को धो लें और रात को साफ पानी में डुबोकर रख दें। सुबह खाली पेट इन अंजीरों को खा लें और पानी को पी लें। इस उपचार को दो महीनों के लिए रोज करें।

4. लहसुन
नीचे दिया गया लहसुन का नुस्खा, अस्थमा के शुरुआत में फेफड़ों में होने वाले कंजेशन को साफ करके इस बीमारी से राहत प्रदान करेगा।

एक चौथाई कप दूध में तीन लौंग डालकर उबालें।
अब इसे ठंडा होने के बाद पी लें।
इस उपचार से अस्थमा में तुरंत राहत मिलेगी।

5. कॉफी
कॉफी में कैफीन होता है जो शरीर में ब्रांकोडायलेटर की तरह काम करके अस्थमा को कंट्रोल करने में मदद करता है। हॉट कॉफी रिलैक्सेशन प्रदान करती है और वायुमार्ग को साफ करके साँसों को आसान करती है। कॉफी जितनी स्ट्रोंग होती है उसका रिजल्ट उतना ही अच्छा होता है।

लेकिन दिन मन तीन कप से ज्यादा कॉफी का सेवन न करें। यदि आपको कॉफी पसंद नहीं है तो आप ब्लैक टी का सेवन भी कर सकते हैं।

6. नीलगिरी का तेल
अस्थमा के लक्षणों के उपचार में शुद्ध नीलगिरी का तेल काफी कारगर होता है क्योंकि इसमें decongestant properties होती हैं जो एलर्जी को कम करती हैं। शोधों से यह पता चला है कि नीलगिरी के तेल में eucalyptol नामक केमिकल होता है जो बलगम (म्यूकस) को कम करने में मदद करता है।

रात को सोने से पहले एक टॉवल या रुमाल पर निलगिरी के तेल की कुछ बूंदें डालकर अपने माथे पर रख लें। ऐसा करने से तेल की थोड़ी-थोड़ी सुगंध आपकी सांसों में जाती रहेगी।
आप निलगिरी के तेल की वाष्प भी ले सकते हैं। एक बर्तन में पानी गर्म कर लें और ऊपर से निलगिरी के तेल की कुछ बूंदें डाल दें। अब अपने सर को ढककर इस पानी की वाष्प लें। अच्छा रिजल्ट पाने के लिए वाष्प लेटे समय लम्बी-लम्बी सांस लें।

7. शहद
अस्थमा के उपचार में शहद को काफी लम्बे समय से इस्तेमाल किया जाता आ रहा है। शहद में अल्कोहल और ईथर ऑयल्स होते हैं जो अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

शहद को सिर्फ सूंघने से ही कई लोगों को सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।
आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर धीरे-धीरे सेवन भी कर सकते हैं। ऐसा दिन में तीन बार करें।

रात को सोने से पहले एक चम्मच में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर निगल लें। यह आपके गले से कफ को बाहर निकल देगा और आपको अच्छी नींद आयेगी।

8. प्याज
प्याज में एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रोपर्टीज होती हैं जो अस्थमा के दौरान सांसो में होने वाली रुकावट को ठीक करती हैं। साथ ही, प्याज में सल्फर होता है जो फेफड़ों के इन्फ्लामेशन को कम करता है।
प्याज का नियमित रूप से सेवन करें। इसे भोजन में सब्जी, सलाद, जूस, सूप आदि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

loading...
loading...
Previous Post
Next Post

post written by: