गुर्दे और मूत्राशय की पत्थरी में रामबाण तरबूज के बीज।

गुर्दे और मूत्राशय की पत्थरी में रामबाण तरबूज के बीज।

इस गर्मी तरबूज आएंगे तो उनको खाने के बाद जो बीज आप फेंक देते हो वो बीज इस बार फेंकिएगा मत। इनसे बनेगी गुर्दे की पत्थरी की अचूक दवा। तरबूज के बीजो की मींगी(गिरी) पत्थरी में रामबाण है। सिर्फ 5 से 7 दिन में गुर्दे और मूत्राशय की पत्थरी निकालने में बहुत सक्षम है। तीन से सात दिन प्रयोग करने के बाद अपना रिजल्ट ज़रूर बताएं। आइये जाने ये प्रयोग।


तरबूज के बीजो का छिलका निकाल लें और ऐसी तरबूज के बीजों की मींगी 12 ग्राम लेकर सिल बट्टे पर पानी के साथ खूब बारीक घोट पीस लें। जितना अधिक घोटा जाए उतना ही लाभकारी रहेगा। फिर इसमें 500 ग्राम पानी अच्छी तरह मिला लें। अंत में ज़रुरतानुसार इतनी पीसी हुयी मिश्री मिला लें के ये मीठा हो जाए। इस तरबूज के बीज की सर्दाई को एक बार में धीरे धीरे करके पी जाएँ। एक बार में न पी सकें तो पांच मिनट के अंतर पर दो बार में पी जाएँ। आवश्यकतानुसार तीन से सात दिन तक लें। ये प्रयोग तीन से सात दिन तक रोज़ सुबह खाली पेट लेना है। अगर पत्थरी बड़ी हो तो थोड़े दिन ज़्यादा भी करना पड़ सकता है।

पत्थरी का यह सरल और शीघ्र प्रभावोत्पादक प्रयोग है। इस प्रयोग से गुर्दे और मूत्राशय (मसानों) की पत्थरी जड़ से समाप्त हो जाती है।
इस प्रयोग से हृदयताप तथा हृदय के अनेक रोग भी नष्ट होते हैं।

मधुमेह के रोगी बिना मिश्री यह प्रयोग करें।

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