इन दिनों बाज़ार में गीली हल्दी उपलब्ध होती है जो दिखने में अदरक की तरह होती है . इसके सेवन के कई लाभ है 

1 इसमें करक्यूमिन होता है जो केंसर से लड़ता है . इसलिए केंसर के रोगी इसका रस सुबह खाली पेट अवश्य ले .

2 यह बुढापे से दर रखता है . अंदरूनी चोटों को भी ठीक करता है .

3 इसका एक टुकडा मुंह में रखने से गले की खराश , खांसी , ज़ुकाम , दमा आदि दूर होता है .

4 दिन गीली हल्दी मिले , खाना बनाने में इसी को कद्दूकस कर प्रयोग करे .

5 सुबह गर्म पानी पीते समय इसे भी पानी में डाल दे .

6 साबुत हल्दी के टुकड़ों को तवे पर भूनकर पीसकर शहद मिलाकर लेने से सर्दी, जुकाम, मौसमी संक्रमण में लाभ होता है।

7 इसके टुकड़े अचार में डाले . एक अनोखे स्वाद वाला अचार तैयार हो जाएगा .छिली हुई कद्दूकस की हल्दी और कटी हुई हरी मिर्च को ,हल्दी नमक,राई की दाल ,नीबू का रस ,काला नमक ,जीरा पावडर,मिलाकर कांच की बरनी में १२ घंटे के लिए बंद कर धूप मैं रख दें.दुसरे दिन तेल मैं हिंग और मेथी दाने से तडका देकर ,ठंडा कर के अचार मैं मिक्स कर दें .अचार तैयार है तुरत या दो घंटे बाद आलू.मेथी या पालक के परांठों के साथ खाइए.इसे फ्रिज मैं रखे न तो ज्यादा दिनों तक चलेगा.

8 इसकी सब्जी खाने से भयंकर सर्दी में भी कोई परेशानी नहीं होती 

हल्दी की सब्जी खाने का देशी नुस्खा -
आमतौर पर हमारे घरों में पतली रोटी बनती है पर हल्दी की सब्जी के साथ खाने के लिए रोटी मोटी बनवाएँ , एक या दो रोटी को थाली में रखकर उसके ऊपर सब्जी डालें व दूसरी रोटी से सब्जी खाएं , थाली में सब्जी के नीचे रखी रोटियां अंत में खाएं |

उम्रदराज लोग सर्दियों में कच्ची हल्दी की सब्जी का सेवन जरुर करें
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