दमा का आयुर्वेद उपचार (Ayurveda Treatment Of Asthma)

दमा का आयुर्वेद उपचार (Ayurveda Treatment Of Asthma)


आयुर्वेदिक दवाएं बहुत सुरक्षित हैं और काफी हद तक समस्या का इलाज है। कुछ आम दवाओं कंटकारी अवालेह, अगस्त्याप्रश, चित्रक, कनाकसव का प्रयोग किया जा सकता है।

रात का खाना हल्का व सोने से एक घंटे पहले लें।
सुबह या शाम टहलें और योग में मुख्य रूप से ‘प्राणायाम’ और भावातीत ध्यान करें।
अधिक व्यायाम से बचे।

हवादार कमरे में रहें और सोएं। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों की सीधी हवा से बचें।
ठंडे और नम स्थानों से दूर रहें।

धूम्रपान चबाने वाली तम्बाकू, शराब और कृत्रिम मिठास और ठंडे पेय न लें। जिन्हें इत्र से इलर्जी हैं, वे अगरबत्ती, मच्छर रेपेलेंट्स का प्रयोग न करें।

2/3 गाजर का रस, 1/3 पालक का रस, एक गिलास रोज पिएं।
जौं, कुल्थी, बथुआ, द्रम स्तिच्क अदरक, करेला, लहसुन का अस्थमा में नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है।

मूलेठी और अदरक 1/2-1/2 चम्मच एक कप पानी में लेना बहुत उपयोगी होता है।
तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। जो लोग इस रोग की चपेट में आ चुके हैं, उनके लिए हर ऋतु के प्रारम्भ में एक-एक सप्ताह तक पंचकर्म की नस्य या शिरोविरेचन चिकित्सा इस रोग की रोकथाम में सहायक होती है।
दिल्ली के शालीमार बाग स्थित महर्षि आयुर्वेद अस्पताल में इसकी अच्छी व्यवस्था है।

रात-विरात यदि दमा प्रकुपित हो जाए, तो छाती और पीठ पर गर्म तिल तेल का सेंक करें।
घर में एक शीशी प्राणधारा की अवश्य रखें। उसमें अजवाइन का सत् होता है, जिसकी भाप दमा के दौरे में राहत देती है।

1/4 चम्मच सोंठ, छ: काली मिर्च, काला नमक 1/4 चम्मच, तुलसी की 5 पत्तियों को पानी में उबाल कर पीने से भी दमा में आराम मिलता है।
1/4 प्याज का रस, शहद एक चम्मच, काली मिर्च 1/8 चम्मच को पानी के साथ लें।

Iklan Atas Artikel

Iklan Tengah Artikel 1

Iklan Tengah Artikel 2

Iklan Bawah Artikel