loading...

पीरियड्स में कभी ना करे इन चीज़ो का सेवन,


माहवारी यानि पीरियड्स यह एक ऐसा समय हे जब हर महिला को दर्द का सामना करना पड़ता हे। इसके चलते महिलाये इन दिनों बहुत सुस्त सुस्त महसूस करती हे। कुछ महिलाओ में मूड स्विंग्स भी होते हे तो कुछ डिप्रेशन में चली जाती हे। इसलिए हम आपको इन सभी परशानी से दूर रहने के लिए बता रहे हे की आपको क्या क्या पदार्थो का सेवन नहीं करना चाइये, आइये देखिये -:


1. प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ
यह ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिन्‍हें खाने से आपके पेट में गैस बनना शुरु हो जाएगी। केन फूड, चिप्‍स आदि खाने के बजाए साबुत आहार खाएं जो कि हेल्‍दी होते हैं। मेवे भी खाए जा सकते हैं।

2. वसा से भरा मीट
मीट में काफी ज्‍यादा सैच्‍यूरेटेड फैट होता है जिससे पेट की सूजन और दर्द बढ़ सकती है। अगर पेट में पहले से ही दर्द हो रहा है तो यह उसे और भी ज्‍यादा दर्दनाक बना देगा। पीरियड्स के समय मीट खाने से बचें। इसकी बजाए आप मछली का सेवन कर सकती हैं।

3. बेक किया हुआ फूड
बेक किया हुआ फूड खाफी टेस्‍टी होता है लेकिन इसमें बहुत ही ज्‍यादा ट्रांस फैट होता है। यह आपके एस्‍ट्रोजन लेवल को बढ़ा सकता है, यूट्रस में दर्द पैदा कर सकता है। इसकी जगह पर आप ब्रेड खा सकती हैं, जिससे आपको काफी सारा फाइबर मिले।

4. चीनी युक्‍त फूड
केक, कुकीज, कैंडी और चीनी युक्‍त पेय पीरियड्स के समय और भी ज्‍यादा दर्द पैदा करते हैं। अगर आपको इन दिनों मीठा खाने का मन करे तो, आप मीठे फल जैसे, आम, तरबूज या सेब आदि खा सकती हैं।

5.आइसक्रीम, चीज और क्रीम
कई लोगों को डेयरी प्रोडक्‍ट पसंद होते हैं, लेकिन इनमें फैट होने की वजह से यह पीरियड्स के दौरान नहीं खाए जाने चाहिये। इन दिनों क्रीमी और चीजी डिश ना खाएं। अगर आपको आइसक्रीम खाने का मन करे तो डेयरी प्रोडक्‍ट वाली आइसक्रीम न खा कर बर्फ वाली आइसक्रीम खाएं ।

6. कैफीन
कैफीन आपके क्रैंप को बढ़ा कर पीरियड्स को अनियमित कर सकती है। साथ ही यह मूड स्‍विंग और सोने में परेशानी पैदा करती है। पीरियड्स के दौरान कॉफी नहीं पीनी चाहिये। आप इसके अलावा चाय पियें।

7. शराब
शराब पीएमएस को और भी ज्‍यादा बिगाड़ सकती है, यह मूड को खराब कर सकती है और डिप्रेशन पैदा कर सकती है। यह खून को और भी ज्‍यादा पतला बनाती है, जिससे पीरियड्स कई दिनों के लिये बढ़ सकते हैं। चाय पीजिये ना कि शराब।
loading...
Previous Post
Next Post

post written by:

0 comments: