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पीलिया रोग का आयुर्वेदिक इलाज, Jaundice Treatment in hindi

Jaundice Treatment
Jaundice Treatment

आज आपको पीलिया रोग का उपचार बताने जा रहा हूँ पीलिया के मरीज इसे अवश्य एक बार आजमाये वैसे तो पीलिया रोग की आयुर्वेद में वहुत इलाज हैं जिसमे कुछ उपाय मैं आपको बता रहा हूँ

piliya rog ka ayurvedic ilaj
आधा गिलास टमाटर के रस में थोड़ा-सा काला नमक और काली मिर्च मिलाएं | इसे प्रात:काल पीने से लाभ होता है | जिगर ठीक से काम करने लगता है |

Jaundice Treatment in hindi

पीपल के पेड़ की तीन-चार नई कोपलें, अच्छी प्रकार धो कर मिश्री या चीनी के साथ मिलाकर बारीक पीस लें | इसे 200 ग्राम जल में घोलकर रोगी को दिन में दो बार पिलाने से चार-पांच दिन में पीलिया से छुटकारा मिल जाता है | पीलिया के रोगी के लिए यह एक बहुत ही सरल और प्रभावशाली उपाय है |

पीलिया रोग का आयुर्वेदिक इलाज,

फिटकरी को भूनकर उसका चूर्ण बना लें | दो से चार रत्ती तक दिन में दो अथवा तीन बार छाछ के साथ पिलाने से कुछ ही दिनों में पीलिया में आराम होता है |

Jaundice ka ayurvedic ilaj

कासनी एक प्रकार की छोटे-छोटे नीले फूलों वाली बूटी है | इसके फूलों का काढ़ा बनाकर 30 से 60 मिलीलीटर तक की मात्रा में दिन में तीन बार देने से पीलिया में लाभ होता है | इससे बढ़ी हुई तिल्ली भी ठीक होती है | पित्त प्रवाह में सुचारुता तथा जिगर और पित्ताशय को ठीक से काम करने में सहायता मिलती है |

Jaundice ka ilaj

गोखरू की जड़ का काढ़ा बनाकर पीलिया के रोगी को प्रतिदिन दो या तीन बार देने से लाभ होता है | मात्रा 30 से 60 मिलीलीटर तक हो सकती है |

पीलिया का आयुर्वेदिक इलाज,

घी कुआर का गूदा निकाल उसमें काला नमक और अदरक का रस मिलाकर प्रात:काल देने से सात-आठ दिन में पीलिया का रोगी ठीक हो जाता है |
पीलिया का अनोखा इलाज
कुटकी और निशोध दो देशी बूटियां हैं | इन दोनों को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें | एक चम्मच चूर्ण गर्म जल से रोगी को दें | इस प्रकार दिन में दो बार देने से शीघ्र लाभ होता है |

पीलिया रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए

पीलिया के रोगी को तले हुए, मिर्च-मसालेदार व गरिष्ठ भोजन का त्याग करना चाहिए | शराब, मांस, धूम्रपान, चाय आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए | स्वच्छ पानी को उबालकर ठण्डा करके पीना चाहिए | अशुद्ध और बासी खाद्य-पदार्थों का सेवन भी न करें
पीलिया का घरेलू इलाज
गाय का मूत्र भी बहुत फायदा करता है गाय देसी होनी चाहिए और उसका मूत्र 8तह सूती कपड़े से छानिये फिर 15से 20 पत्ते तुलसी का डाल कर गरम कीजिये 10से 15 मिनिट फिर उतार कर छान लें और शीशी में रख दें शुबह खाली पेट आधा गिलास पानी में 15 ml ये मूत्र मिलाये 3चमच शहद मिलाकर चमच से चलाए फिर पी लीजिये एक घंटा तक कुछ न खाए ।
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