गर्भाशय (बच्चेदानी) की सूजन के आयुर्वेदिक इलाज. Ayurvedic Remedies For Uterus Swelling ayurvedic

गर्भाशय (बच्चेदानी) की सूजन के आयुर्वेदिक इलाज. Ayurvedic Remedies For Uterus Swelling ayurvedic

गर्भाशय (बच्चेदानी) की सूजन के आयुर्वेदिक इलाज. Ayurvedic Remedies For Uterus Swelling ayurvedic


बच्चेदानी में सूजन के उपाय

कुछ महिलाओं ने गर्भाशय की सूजन के विषय मे पूछा है तो आइए जानते हैं गर्भाशय के सूजन के विषय में आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

गर्भपात के बाद गर्भाशय में सूजन

गर्भाशय में सूजन से पीड़ित महिला को चटपटे मसालों-मिर्च-तली हुई चीजें और मिठाई से परहेज रखना चाहिए।

Ayurvedic Remedies For Uterus Swelling ayurvedic

पीड़ित स्त्री को दो --तीन बार अपने पैर कम से कम एक घंटे के लिए एक फुट ऊपर उठाकर लेटना चाहिए और आराम करना चाहिए

गर्भाशय (बच्चेदानी) की सूजन के आयुर्वेदिक इलाज

गर्भाशय में सूजन हो जाने पर महिला रोगी को चार-पांच दिनों तक फलों का जूस पीकर व हल्का आहार लेकर रहना चाहिए- उसके बाद बिना पका हुआ संतुलित आहार लेना चाहिए

बच्चेदानी में इन्फेक्शन के आयुर्वेदिक इलाज

निर्गुण्डी को किसी भी प्रकार के बाहरी --भीतरी सूजन के लिए एक उपयुक्त ओषधि के रूप में इसका उपयोग किया जाता है यह औषधि वेदना शामक है वैसे आयुर्वेद में सुजन उतारने वाली और भी कई औषधियों का वर्णन आता है पर निर्गुण्डी इन सब में अच्छा है और सर्वसुलभ भी-नीम,(निर्गुन्डी) सम्भालु के पत्ते और सोंठ सभी का काढ़ा बनाकर जननांग में लगाने से सुजन ख़त्म हो जाती है

बच्चेदानी की सूजन के आयुर्वेदिक इलाज

बादाम रोगन एक चम्मच, शरबत बनफ्सा तीन चम्मच और खांड पानी में मिलाकर सुबह पीयें तथा बादाम रोगन का एक रुई का फोया जननांग के मुह पर रखें-इससे गर्मी के कारण गर्भाशय में सूजन ठीक हो जाती है।
बच्चेदानी में सूजन की दवा
अरंड के पत्तों का रस छानकर रुई में भिगोकर जननांग में लगाने से भी सूजन ख़त्म हो जाती है।

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