bawaseer ka ayurvedic ilaj
bawaseer ka ayurvedic ilaj
दुनिया में बहुत लोग बवासीर से परेशान है । इंसान का उठना बैठना इसके कारण मुशकिल हो जाता । कई को बहुत ही असहनीय दर्द की अनुभूती होती है ।
इस रोग का कारण खट्टी तले पदार्थ ,तेज मिर्च मसालेदार वस्तुएं ,कब्ज आदि है ।

bawaseer ka ayurvedic ilaj hindi me

ऐलोपेथी में इसका इलाज सिर्फ आप्रेशन है । लेकिन उसके बावजूद भी यह रोग दोबारा घेर लेता है । आखिर कितने आप्रेशन करवाए जाएं । लेकिन आपको घबराने की जरूरत नही । आयुर्वेद में इस रोग की बहुत सफल औष्धियाँ है । जो इस रोग को जड़ मूल से ठीक कर देती है । मैं आपको घरेलु नुस्खे बता रहा हुँ जिनकी मदद से आपको काफी राहत मिलेगी । अगर आपका रोग पुराना है या आप्रेशन करवा लिया है या अन्य किसी प्रकार की चिकित्सा से आराम नही हुआ तो आप बेझिझक मुझसे संपर्क कर सकते है ।

बवासीर नाशक 10 घरेलु इलाज

bawaseer ka ayurvedic ilaj

50 ग्राम तिल को चबाकर खाने के बाद ऊपर से दही खा लेने से रक्तस्राव रूकता है ।

khooni bawaseer ka ayurvedic ilaj

मेथी बीज दूध में उबालकर लेने खूनी बवासीर में लाभ होता है ।

badi bawaseer ka ayurvedic ilaj

10 ग्राम ईशबगोल भुसी रात को दूध से लें । इससे दोनों बवासीर में लाभ होगा ।
पुरानी बवासीर का इलाज
एक कप मूली के रस में देशी घी मिलाकर सुबह- शाम पीएं । मूली का सलाद भी ले सकते है ।

bawaseer ka ayurvedic ilaj in hindi

करेले का रस सुबह खाली पेट लें ।
खुनी बवासीर का रामबाण इलाज
नारियल की जटा जलाकर ,समभाग फिटकरी का फूला ,मिश्री मिलाकर 10 ग्राम तक नारियल के पानी या दूध पानी की लस्सी से लें ।

बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज

गुनगुना दूध में नीबू निचोड़ कर पीएं ।नीबू काटकर उसमें कत्था लगाकर खाएं ।

बवासीर का आयुर्वेदिक दवा

मूली को काटकर नमक लगाकर औस में रात को छत पर रख दें । सुबह खाली पेट खाएं । मूली की रस से गुदा को धोएं । बादी बवासीर के लिए भी कर सकते है ।
bawaseer ka ayurvedic ilaj hindi mein
मूली के 125 एम.एल रस में 100 ग्राम देशी घी में बनी जलेबी को एक घंटा डूबो दें । फिर जलेबी खाकर रस पी लें । एक से चार हफ्ता तक करें । मूली को घी में भूनकर भी खा सकते है ।

bawaseer bimari ka ayurvedic ilaj

गेहू के जवारे का रस ,गिलोय और ग्वारपाठा का रस 20 से 50 एम.एल सुबह खाली पेट लें ।

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